Friday, 8 February 2013

बहुत देर आये दुरुस्त आए

आखिर आज लटका एक सरकारी अथिति
१२ साल से तो  कानून ही लटका हुआ था!

कानून की देवी का निर्णय देश हित में था 
फिर इसको किसलिए लेट लटकाया गया?
 

देश के नेता जी क्यों हमदर्दी दिखाकर
अब तलक उसको जीवन दान देते रहे ?


एक-दो को फांसी से यह नासमझी जनता 
उसको झुनझुना दे कर बहलाया गया है!

कौन समझाएगा राजनीती को यहाँ
की फिर चुनावी मुद्दा भुनाया गया है! 





1 comments:

Ratan singh shekhawat said...

राजनेता हर मामले में राजनीति देखने लगे है जो शुभ संकेत नहीं !!

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